Thursday, July 19, 2012

9वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के 'लोगो' और 'वेबसाइट' का लोकार्पण समारोह


Ninth World Hindi Conference
22-24 September, 2012
Johannesburg [South Africa]


9वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के 'लोगो' और 'वेबसाइट' का लोकार्पण समारोह


18 जुलाई 2012 को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में माननीय विदेश राज्य मंत्री श्रीमती प्रनीत कौर द्वारा 9वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के 'लोगो' और 'वेबसाइट' का लोकार्पण किया गया। सम्मेलन 22-24 सितम्बर, 2012 को जोहान्सबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का विषय है 'भाषा की अस्मिता और हिन्दी का वैश्विक संदर्भ'।

विश्व हिन्दी सम्मेलनों की सार्थकता के बारे में बोलते हुए श्री सत्यव्रत्त चतुर्वेदी, संसद सदस्य एवं 9वें विश्व हिन्दी सम्मेलन की संचालन समिति के सदस्य ने कहा कि किसी भी देश की संस्कृति और भाषा उसकी पहचान परिभाषित करती है। विश्व भर में, भारत की पहचान भी उसकी सामासिक संस्कृति और भाषा से है।
इस अवसर पर बोलते हुए विदेश राज्य मंत्री श्रीमती प्रनीत कौर ने कहा कि हालांकि विश्व हिन्दी सम्मेलनों में अधिक से अधिक लोग भाग ले रहे हैं फिर भी इन सम्मेलनों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों तथा युवाओं को शामिल करने तथा आकर्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मीडिया के साथ बातचीत के दौरान मंत्री जी ने कहा कि विश्व हिन्दी सम्मेलन आयोजित करना हमारे लिए गर्व की बात है क्योंकि यह हमारे देश की राजभाषा है। उन्होंने यह भी कहा कि ये विश्व हिन्दी सम्मेलन अब तक ऐसे देशों में आयोजित किए गए है जिनमें भारतीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में हैं और जिनके लिए ऐसे सम्मेलनों का विशेष महत्व है। 
इससे पहले मंत्री महोदया ने सम्मेलन के 'लोगो' और 'वेबसाइट'www.vishwahindisammelan.gov.in का लोकार्पण किया। यह वेबसाइट हिन्दी व अंग्रेजी दोनो भाषाओं में है। इस पर सम्मेलन से संबंधित सभी ब्यौरा उपलब्ध है जैसेकि शैक्षिक सत्रों के विषय और कार्यक्रम, भारत और अन्य देशों के प्रतिभागियों द्वारा पंजीकरण कराने की प्रक्रिया, आवास, परिवहन, वीजा आदि। वेबसाइट के अभिलेखागार भाग में विगत में आयोजित सभी आठ विश्व हिन्दी सम्मेलनों का विवरण शामिल है।
विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित विश्वस्तरीय प्रतियोगिता के बाद इस सम्मेलन के 'लोगो' का चयन किया गया था। विजेता प्रविष्टि का डिज़ाइन जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट, मुम्बई के श्री जोग शुभानन्द गोपाल द्वारा किया गया था। मंत्री महोदया द्वारा श्री जोग को नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

इस अवसर पर संसद सदस्य, 9वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के लिए गठित संचालन समिति एवं उपसमितियों के सदस्य, प्रतिष्ठित हिन्दी विद्वान, लेखक, पत्रकार, वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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