Tuesday, November 4, 2008

बाल मानस



विजेता


- सादिक, चेन्नै


पप्पा‍ कहते हैं कि -
जो मेहनतकश
समय का पाबंद
अपने कर्तव्य के प्रति सचेत
दैनिक व्यवहार में शालीन
कार्य के प्रति समर्पित
पढ़ाई व खेल-कूद में ‍अव्वल रहेगा
वही इस दुनिया में
‘विजेता’ कहलाएगा

1 comment:

आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल' said...

अच्छी कविता. जीत के लिए जरूरी है लगातार कोशिश.
आचार्य संजीव सलिल