Thursday, January 10, 2013

सबके आत्मीय प्रयासों से ही हिंदी विश्व भाषा बन सकती है – डॉ. सी. जय शंकर बाबु

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन में 
विश्व हिंदी दिवस संपन्न






 
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, दक्षिणांचल, चेन्नै कार्यालय में दि.10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस का आयोजन किया गया ।  कार्यक्रम का उद्घाटन दक्षिणांचल के महाप्रबंधक पी.पी. नाडकर्णी ने किया और एचपीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री सुबीर रॉय चौधरी के संदेश पढ़कर सुनाया ।  इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफ़सर डॉ. सी. जय शंकर बाबु उपस्थित थे ।

     कार्यक्रम की शुरूआत एचपी गीत से हुई और महाप्रबंधक के कर-कमलों से प्रयास ई-पत्रिका का विमोचन किया गया, जिसमें विभागीय अधिकारियों की हिंदी की रचनाएँ प्रकाशित की गई थी ।  श्री पी.पी. नाडकर्णी ने अपने भाषण में कहा कि हिंदी के प्रचार-प्रसार में पूरी निष्ठा के साथ लगे रहना हम सभी का दायित्व है ।  राजभाषा के रूप में हिंदी की प्रयोग-निष्ठा से ही हिंदी विश्व भाषा बनने का सपना साकार बन सकता है ।  उन्होंने ई-पत्रिका में रचनाएँ प्रस्तुत करनेवाले अधिकारियों को उन्होंने स्वर्ण-पदकों से सम्मानित भी किया । 

तदनंतर अपने वक्तव्य में डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने कहा कि 1975 में जनवरी, 10 को प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन हुआ था, उस दिन के यादगार में हर वर्ष जनवरी 10 को विश्व हिंदी दिवस के रूप में दुनियाभर में कई हिंदी प्रेमी मनाने की परंपरा शुरू हुई है ।  हिंदी के विश्वव्यापीकरण की जरूरत पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की राजभाषा हिंदी दुनिया की भाषा बनने के साथ ही हमें कई अच्छे अवसर मिलने की संभावना है ।  एक तो हिंदी संयुक्त राज्य संघ की भाषा बन सकती है दूसरी ओर दुनिया में हिंदी के फैलने से हिंदी के माध्यम से व्यापार और रोज़गार की संभावनाएँ भी बढ़ सकती हैं ।  उन्होंने हिंदी को आत्मीयतापूर्वक अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि एक संपर्क भाषा के रूप में आज देश में हिंदी की जो भूमिका है, वह कल दुनिया की भाषा बन जाने से विश्व स्तर पर इसकी बड़ी भूमिका हो सकती है ।  हिंदी विश्व भाषा तभी बन सकती है जब हम सब आत्मीय प्रयास करेंगे । 

कार्यक्रम में वित्त विभाग हिंदी निर्देशिका का भी महाप्रबंधक ने विमोचन   किया ।  कार्यक्रम में उप महाप्रबंधक – वित्त श्री ए.वी. नारायण राव एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे । डॉ. एस. बशीर, प्रबंधक (राजभाषा) ने धन्यवाद ज्ञापित किया ।  


2 comments:

Lokesh Kumar Sha K.R. said...

आप सबको नव वर्ष एवं पोंगळ / संक्रांति की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएँ ।

दक्षिण भारत में हिंदी कार्यान्‍वयन
को आगे बढ़ाते हुए और कर्मचारियों को हिंदी में काम करने की इच्‍छा शक्ति विकसित करने में ऐसी कार्यक्रम अवश्‍य महत्‍वपूर्ण होगी ।
संसदीय राजभाषा समिति के एक बैठक में माननीय सदस्‍य इस बात को बताया कि कर्मचारियों में काम करने की इच्‍छा शक्ति है, मगर क्षमता को आगे उजागर करने में ऐसी कार्यक्रम अवश्‍य लाभप्रद होगी । इसमें कोई दोहरी स्थिति नहीं है ।

यह वर्ष दक्षिण भारत में हिंदी के कार्यान्‍वयन में सर्वोच्‍च स्‍थान प्राप्‍त करने हेतु हम सब मिलकर काम करें और इसको और आगे बढ़ाएं ।

धन्‍यवाद ।

लोकेश कुमार शाह के आर
भारतीय खाद्य निगम, हैदराबाद ।
9014955124

dr s. basheer said...

नव वर्ष एवं पोंगळ / संक्रांति की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएँ ।