Wednesday, July 6, 2016
ऐ चांद ! मेरे महबूब से फ़क़्त इतना कहना...
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नज़्म ऐ चांद ! मेरे महबूब से फ़क़्त इतना कहना... -फ़िरदौस ख़ान ऐ चांद ! मेरे महबूब से फ़क़्त इतना कहना... अब नहीं उठते हाथ दुआ...
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