Thursday, August 26, 2010
मिट्टी के बर्तन - डॉ. एस. बशीर की सोलह मिनी कविताएँ
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मिट्टी के बर्तन यदि आपका, हर काम होना है आसान। तो बेच डालो अपना ईमान, दिया करो कुछ न कुछ ईनाम। नहीं तो कम से कम दो, एक मुस्कान (1) *** यारी...
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