Sunday, January 31, 2010
कविता
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भले और दीपक जलाओं नहीं तुम -डॉ. गिरीश कुमार वर्मा भले और दीपक जलाओं नहीं तुम । जला दीप लेकिन बुझाओ नहीं तुम।। सहारा न दो लडखडा़ते ...
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